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बारिश के कारण मंडी में सड़ने लगा प्याज
उज्जैन। कृषि उपज मंडी में समर्थन मूल्य पर खरीदा गया हजारों मीट्रिक टन प्याज बारिश और रखरखाव नहीं होने के चलते सड़ने लगा है। फड़ पर रखी प्याज की बोरियों में फफूंद लगाना शुरू हो गई है जिससे प्याज काले हो रहे हैं। बावजूद इसके मंडी प्रशासन का इस ओर ध्यान नहीं है। मानसून आने से पहले उज्जैन और घट्टिया के लिए मंडी में समर्थन मूल्य पर प्याज की खरीदी की गई। आवक ज्यादा होने से ट्रेन और ट्रकों से प्याज दूसरे शहरों में भेजा गया।
बावजूद इसके मंडी में प्याज की हजारों बोरियां फड़ के नीचे खुली पड़ी जो बारिश का पानी लगने से खराब हो रही हैं। अभी भी मंडी में ट्रकों में लादकर प्याज को बाहर भेजा जा रहा है। बारिश से पहले बोरियों को तिरपाल से ढंका गया था लेकिन बाद में इसे हटा दिया गया जिससे बारिश होने से प्याज गीला होकर खराब हो रहा है, जबकि मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने निर्देश दिए हैं कि किसानों से जो प्याज समर्थन मूल्य पर खरीदा गया है उसे ढंककर रखा जाए। बावजूद इसके लापरवाही बरती जा रही है।
अच्छे प्याज में डाल रहे खराब प्याज
फड़ के आसपास जमा गंदे पानी में काफी प्याज पड़े हैं जो सड़ चुके हैं। अब इन्हें उठाकर मंडी कर्मचारी अच्छे प्याज में डाल रहे है जिससे अच्छे प्याज भी तेजी से सड़ रहे हैं। सोमवार सुबह भी मंडी में इसी प्रकार की स्थिति रही। कर्मचारी सड़े हुए प्याजों को उठाकर अच्छे प्याज में डालते रहे। पूछने पर बताया हम तो पानी में पड़े अच्छे प्याज डाल रहे हैं खराब नहीं। मामले मेें जब कलेक्टर संकेत भोंडवे से चर्चा करनी चाही तो उन्होंने फोन कट कर दिया, वहीं मंडी अध्यक्ष बहादुरसिंह बोरमुंडला से चर्चा करने की कोशिश की गई लेकिन संपर्क नहीं हो सका।